MERE MURSHID MERE AAQA AKHTAR RAZA KHAN QADRI

*कलाम शाने सरकार पीरो मुर्शीद ②*

*मेरे मुर्शीद मेरे आका अख्तर रज़ा खां क़ादरी*
*मेरे दिलबर मेरे जाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*तुम जुनैद ए बा सफा हों हों गया तुम पर अया*
*मैने अपना मौला माना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*आरिफ़े बिल्लाह कहूं या मुर्शीद ए बरहक़ कहूं,*
*मैने साबिर तुमको जाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*हामिदो महमूद हो तुम सुब्हा हो और अख़्तर रज़ा*
*मेरे मुर्शीद सौड़ा माना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*जानें जा जानें ज़माना चांद और सूरज हो तुम*
*मैने अपनी सांसें जाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*तुम अहद हो तुम हो वाहिद मेरे शाहिद तुम ही हों,*
*ईमाम तुम को मैने माना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*जलवा ए अहमद रज़ा हों नूर वो तुम नूर हो*
*तुमको नक्शे रज़वि जाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*तुम हो महशर तुम हो जन्नत तुम ठिकाना हो मेरा*
*रूह तुम को अपनी माना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*तुम वज़िफा हो मेरा और तुम वज़ाईफ हो मेरे*
*मैने तस्बी तुम को जाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*तुम बका हो तुम जहां हो तुम रवा हो तुम अता*
*तुम से मिलता हैं शहाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी,*

*जलवाए ताजुश्शरियत चल दिया हा चल दिया*
*बाकी हैं अब तो ज़माना असजद रज़ा खां क़ादरी,*

*कश्ती ए मज़लूम इमरान और मल्लाह तुम भला"*
*पार इसे अब तुम लगाना अख्तर रज़ा खां क़ादरी।*

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