Alwada Alwada Mahe ramzan
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*🥀 अलवदा अलवदा माहे रमज़ान 🥀*
क़ल्बे आशिक है अब पारा पारा
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
तेरे आने से दिल ख़ुश हुवा था
और जोके इबादत बढ़ा था
आह अब दिल पर है ग़म का गल्बा
अलवदा अलवदा माहेे रमज़ान
नेकियां कुछ ना हम कर सकें है
आह इसिया है मे दिन काटे है
हाय ग़फ़लत में तुझ को गुज़ारा
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
कोई हुस्ने अमल ना कर सका हूँ,
चंद आंसू नज़र कर रहा हूँ
यही है मेरा कुल असासा,
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
जब गुज़र जायेंगे माह ग्यारा,
तेरी आमद का फिर शोर होगा
किया मेरी ज़िन्दगी का भरोसा
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
बज़्म इफ्तार सजती थीं कैसी,
खुब सेहरी की रौनक भी होती
सब समां हो गया सुना सुना,
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
याद रमज़ान की तड़पा रही है,
आँसू की झड़ी लग गई है
कह रहा है हर एक क़तरा,
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
तेरे दीवाने सब के सब रो रहे है,
मुज़्तरिब सब के सब हो रहे है
कौन देगा इन्हे अब दिलासा,
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
साले आइंदा शाहे हराम तुम,
करना हम सब पर यह करम तुम
तुम मदीने मे रमजान दिखाना,
अलवदा अलवदा माहे रमज़ान
वास्ता तुझ को प्यारे नबी का,
हश्र मे हमको मत भूल जाना
रोज़े महशर हमें बख्शवाना,
अलवदा अलवदा माहे रमजान
तुम पर लाखों सलाम माहे रमज़ान
अलविदा अलविदा माहे रमजान
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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